Five Point Entreprenuer !!

To Achieve something, you must want it as much as you want to pee.


Over a year ago, I began my quest to find answers to my two most pressing entrepreneurial questions:
What does it really take for an entrepreneur to be successful? And what does it take for a business owner to be the best of the best?

My Export and Logistic business takes me across the world, so I used the opportunity. I’ve spoken with business owners, self made entreprenuers from different industries in all stages of business growth. I’ve also participated in numerous discussions, conferences, and usually attend Trade Fair to look out some business prospects in every trade. I read books and biographies by reknown business persons and top marketers like Steve Jobs, as well as I’m an addict of Google Uncle, I sit infront of Uncle and think what should I ask him to search it for me, tonight? Thanks to Google, it helps a lot. I find and read in ebusiness magazines, the articles based on unknown – turns – reknown, or celebrity – turns – entreprenuer, and whatever I find about those who started their ventures late but are now running their businesses or are aspiring entrepreneurs.

I strongly believe in Idea Exchange, people associated (remotely/closely)to my field have been exchanging ideas and supporting one another with advice on how to succeed as a small business owner, and I really learned a lot in terms of understanding what they avoided and to what length they went from risk point of view. I compiled a list of some 20 random points, out of which I distilled 5 points of what I call golden financial rules for entrepreneurs:

1. Work on your business, not just in your business:

– When you are surrounded by your own business day in and day out, it’s important to take a step back and make sure you are handling all aspects of the business.
Sometimes entrepreneurs are so focused on their products or services, they may overlook their business finances. But it’s important to handle your business finances with intent and in an organized– not haphazard–way.

2. Keep your personal and business wallets separate:
– The old adage that business and pleasure don’t mix also holds true when it comes to your business finances. Set up separate timings for your business and personal events.
Don’t stop talking to your Financial Advisor, CA or Banker throu out the process of starting your company, since it can help you feel more confident that you are managing your personal finances wisely while you begin to build your business.

3. Have a “Drop-Dead” Number:
Set a threshold for the minimum amount of capital money in the bank that you are not willing to go below. This number will be different for each person, but the important thing to take away is that you think about what this number means to you and save it in advance.

It’s important to build up and maintain this “healthy reserve” or “cushion amount” to allow you to manage the lean months or the periods of uncertain cash flow. If you find that you are approaching your “drop dead” number, this is where discipline must override passion. Step back, take a hard look at your situation, and see what’s working and what’s not.

4. Overconfidence Really Kills:

We tend to think we’re smarter than we really are and that we know more than we really do. This over confidence can climb along with the profits, leading some folks to trade excessively and take on too much risk. You know this ‘too much’ demon is always dangerous.

5. Hindsight Bias Risk:
In retrospect, it might seem obvious that market would come roaring back from the drubbing of 2008 and early 2009. Indeed, it’s easy to forget all the economic uncertainty that existed at the time and convince ourselves that we foresaw the rally.

This hindsight bias can further bolster our confidence, possibly prompting us to make bold market forecasts today and worst, act upon them.

These five points ensures minimising the uncertain and unpredictable financial situations, a newbie business person should follow, and needless to say, those who manage their finance like I mentioned above make them ultimate successful.
(author is an export/ manufacturing/ logistics entreprenuer)

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काशी की गर्मी बढ़ानें आईं भोजपुरी फिल्मों की हेलेन, देने वाली हैं सरप्राईज़

​Hot and Sensational Bhojpuri Item Girl Seema Singh is in Varanasi

… Seema Singh has done more than 400 Item Numbers in Bhojpuri films which is a Record.

By Shabab Khan

वाराणसी: पिछले दिनों हुई बारिश से बनारस का मौसम खुशगवार हो जाना चाहिए था लेकिन गर्मी जस का तस बनी हुई है। आज जब हमनें थोड़ी घुमक्कड़ी की तो बनारस के बढ़े हुए तापमान का राज़ हमे पता चल गया।

दरअसल भोजपुरी फिल्मों की ‘हेलन’ के नाम से मशहूर ‘आइटम क्वीन’ सीमा सिंह बनारस में हैं और बारिश से बावजूद इस गर्मी की वजह भी वहीं हैं। सूचना है कि सीमा बड़ें पर्दे पर जल्द ही एक और धमाका करने जा रही हैं और इसी सिलसिले में वह बनारस आई हैं।

… she had done some of the films in Bhojpuri and most of them are block buster

भोजपुरी फिल्म ‘कहां जइब राजा नजरिया लड़ाई के’ के जरिये अपने फिल्‍मी करियर की शुरुआत करने वाली सीमा सिंह ने अब तक 400 से अधिक फिल्मों में आइटम सांग किए हैं। यह अपने आप में रिकार्ड है। उन्होंने भोजपुरी के अलावा हिंदी, तमिल, राजस्‍थानी, गुजराती, बंगाली भाषा की फिल्मों में आइटम सांग किया।

इस हॉट और मोस्ट डिज़ाएरेबिल अभिनेत्री की लोकप्रियता का आलम यह है कि कई फिल्‍मकार उन्हें अपने लिए लकी मानते हैं। मूल रुप से यूपी के इलाहाबाद की रहनी वाली सीमा सिंह हमेशा से ही फिल्मों में आना चाहती थीं। लेकिन उनके पिता इसके खिलाफ थे।

कहते हैं जहां चाह है वहीं राह है। कुछ ऐसा ही हुआ सीमा सिंह के साथ। उन्होंने स्टेज शो करना शुरू कर दिया और फिर मां की मदद से माया नगरी मुंबई का रुख किया। मुंबई में उन्होंने भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के साथ ‘चोखा बनल दामाद’ फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई।

… Seema Singh basically belongs to Uttar Pradesh, in precise from Allahabad

फिलहाल बनारस में वह किसी फिल्म के शूट के लिए आयीं या आईटम डांस के यह उन्होने साफ नही किया, काफी जोर देने पर बोली ‘सरप्राईज़’ के लिए तैयार रहिए। मैं तो उनका सरप्राईज़ वाला कमेंट सुनकर अपनी पत्रकारों वाली पोटली संभालने में लग गया, लेकिन मेरे सहयोगी जावेद अंसारी की आवाज़ मेरे कानों तक पहुँची जो सुरती-पान से सनें लाल-बैंगनी दांतों का प्रदर्शन करते हुए कह रहे थे, ’जी मैडम बिल्कुल, लेकिन जरा सरप्राईज़वा की पक्की डेट पता चल जाती तो अच्छा होता, कही सरप्राईज़ मिस हो गया तो..’ उनकों चुप न होता देख मैने कोहनी उनकी कमर में घुसा दी तो हमसे कहने लगे, ‘डेट की ही तो बात कर रहा था सर!’ यकीन मानें, गर्दन से पकड़कर बाहर लाना पड़ा वरना जब तक ‘सरप्राईज़’ न मिल जाता वही जमे रहते।

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चार वर्षो से नाबालिग युवती को लेकर फरार पटना का युवक गिरफ्तार, युवती बरामद

​Patna Youth Arrested for absconding with a minor girl from Varanasi since 2013

आदित्य कुमार शर्मा जो पटना का रहनें वाला है चार वर्ष पूर्व वाराणसी की एक नाबालिग युवती के लेकर फरार था, कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार

By Shabab Khan

वाराणसी: कोतवाली थानाक्षेत्र के मिस्र पोखरा की रहने वाली युवती जो वर्ष 2013 में संदिग्ध अवस्था में लापता हो गया थी आज कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर पकड़े गये एक युवक की निशानदेही पर बरामद कर ली गयी।

वर्ष 2013 में 16 वर्षीय पूजा (काल्पनिक नाम) दूधविनायक अपनी सहेली के घर मिलने गयी थी, लेकिन वापस घर नही पहुँची थी, जिस पर पूजा के घरवालों एवं परिजनों नें उसे खोजनें का हर-संभव प्रयास किया था, बावजूद इसके युवती का कोई पता नही चला। हालांकि उस समय पूजा के परिजनों को कहीं से यह सूचना मिली थी कि गायब होने से पहले युवती को किसी अंजान युवक के साथ देखा गया है। इसी आधार पर पूजा की मॉ नें अज्ञात युवक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।

जिस अज्ञात युवक की तलाश कोतवाली पुलिस को चार वर्षों से थी आज एकाएक पुलिस के हाथ लग गया। पुलिस का कहना है कि मुखबिर की सूचना पर कैंट स्टेशन के बाहर युवक को गिरफ्तार किया गया है।

थाने लाकर जब युवक से पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम आदित्य कुमार शर्मा निवासी न्यू पुनाईचक मोहनपुर, जिला पटना, बिहार बताया। उसकी निशानदेही पर पुलिस द्वारा अगवा की गई युवती को बरामद कर लिया गया।

युवती से पूछे जाने पर उसने बताया कि आदित्य मुझे बहला-फुसला कर दिल्ली अपने साथ ले गया। जहाँ जबरन वह मेरे साथ चार सालों से दुष्कर्म करता रहा।  कोतवाली पुलिस ने युवती के बयान के आधार पर 376 व पास्को एक्ट के तहत युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। युवक पर पांच हजार का इनाम भी घोषित था।

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काशी: चैंपियंस ट्रॉफी जाने का दुख सिर चढ़कर बोला, तोड़े दिए टीवी सेट


By Shabab Khan

वाराणसी: यदि ज़रा सा ग़ुमा भी होता तो दुख कम होता, लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम की पिछली परफार्मेंस देखकर ये गुमान आखिर होता भी कैसे? ऊपर से हर वर्ल्ड लेविल टूर्नामेंट के मैच में पाकिस्तान को बार बार हरानें का रिकार्ड, यह सब देखकर समझकर किसको अंदाजा था कि दिल के यूँ टुकड़े हो जाएगे। भारतीय टीम का हर क्षेत्र में दूसरे दर्जे का प्रदर्शन देखकर भौचक काशी के कट्टर फैंस के टीवी सेट तभी बंद हो गये थे जब पाकिस्तानी टीम सबको  आश्चर्यचकित करते हुए 300 के ऊपर का आंकड़ा छू गई। लेकिन फिर भी काफ़ी आशावादी ऐसे भी थे कि उन्हे लग रहा था कि भारतीय बल्लेबाजी 339 को हासिल कर सकती थी, उसी आशावादियों की फेहरिस्त में मेरा खुद का नाम सबसे ऊपर था। 

ऐसा हो चुका है, भारतीय टीम ऐसा कर सकने के काबिल है यहीं तर्क-वितर्क दिमाग में द्वंदयुद्ध कर रहा था जब भारतीय पारी की शुरुआत हुई। अपनें किसी काम के लिए ‘ईश्वर’ को याद न करने वाला मैं, अचानक ‘ईश्वर’ को याद करने लगा। मन ही मन कह डाला, ‘देखो, अपनें लिए कभी कुछ नही मॉगा, देश के लिए, मादर-ए-वतन की इज्जत के लिए मॉग रहा हूँ, इंडिया को हर हाल में जिताओ।’ लेकिन, यह मैं भूल गया था कि जब मैं उसकी नही सुनता तो वो क्या ठेंगा मेरी सुनेगा। टीवी स्क्रीन पर देखा तो एक विकेट डाउन हो चुका था। फिर हिसाब रखना मुश्किल होने लगा तो एक बार मन में आया कि हाथ में पकड़ा रिमोट दे माँरू टीवी सेट पर लेकिन बहरहाल ऐसा न करके लाल बटन पूरी ताकत से दबा दिया जैसे वो रिमोट का बटन नही कोहली का टेंटुआ हो।

घर के बाहर आया तो सड़कें गुलजार थी, लेकिन पत्रकार की ऑखों से देखा तो हर आँख में हार की टीस थी, कोई दिखाना नही चाह रहा था कि दुख है। लेकिन सबके चेहरे चीख-चीखकर कह रहे थे कि दुख है। और रहेगा। हम हरो से हारे है, किसी पीले, लाल से हार जाते तो यह हाल न होता। लेकिन जब कोई मैच की चर्चा करता तो यही कहता, और यही सुनता कि ‘चलो, खेल है हार-जीत तो लगी ही रहती है’, लेकिन इससे टीस कम न होनी थी और न हुई। हम हार गये, और हमें इसका दुख सालता रहेगा, यही सच है।

बहरहाल, चलिये काशी का भी हाल जान लें कि चैंपियंस ट्राफी के फाइनल मुकाबले में भारत की करारी हार से क्रिकेट प्रेमियों को कितना गहरा धक्का लगा है।

रविवार की रात यूपी के चंदौली जिले में आधा दर्जन लोगों ने निराश होकर अपने टीवी सेट तोड़ दिए। अब तक पाकिस्तान में इस तरह के किस्से सुनने को मिलते थे लेकिन इस बार भारत में ऐसा देखने को मिला। उधर लंका से भी टीवी सेट तोड़े जाने की खबरे हैं। और क्यो न तोडें, टीवी तोड़ना ही चाहिए था।

लीग मैच में पाकिस्तान को करारी शिकस्त देने वाली टीम इंडिया का फाइनल में मुकाबला फिर से पाकिस्तान के साथ होने की बात सामने आई तो क्रिकेट प्रेमियों का दिल बल्लियों उछलने लगा। एक तरफ सीमा पर पाकिस्तान से चल रही तनातनी के बीच लोगों ने आस लगाई कि भारतीय सैनिकों के शहीद होने का बदला भारतीय क्रिकेट टीम लंदन में पाकिस्तान को रौंद कर लेगी।

नगर में मैच में जीत के बाद पटाखा फोड़ने, मिठाइया बांटने की पूरी तैयारी हो गई। शाम तीन बजे मैच शुरू हुआ तो सबकी निगाहें टीवी सेट पर चिपक गई। सबको विराट सेना पर पूरा भरोसा था। यहां तक भारतीय गेंदबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भी विश्वास था कि रोहित, विराट, धोनी जैसे खिलाड़ी 339 रन के लक्ष्य को आसानी हासिल कर लेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

नगर से सटे कूढ़े खुर्द गांव में जितेंद्र यादव उर्फ पप्पू ने अपने घर की टीवी को तोड़कर चकनाचूर कर दिया और हो हल्ला करने लगे। गांव लोग जुटे तो मामला समझ में आया और वे भी उसका साथ देने लगे।

गांव में जबरदस्त नारेबाजी सुनकर मौके पर पहुंचे क्षेत्र पंचायत सदस्य तनुज यादव बॉबी ने उन्हें समझा बुझाकर किसी प्रकार घर तक पहुंचाया। इसी तरह हृदयपुर निवासी शिवलाल यादव, नगर के चतुर्भुजपुर निवासी कुंजबिहारी, आलोक यादव ने भी अपने घर पर रखी टीवी सेट को चकनाचूर कर दिया।

उधर महमूरगंज से खबर है कि राकेश पाण्डेय नें अपनें टीवी सेट को पॉचवें तल के अपनें फ्लैट की खिड़की से फेंक दिया जो पार्किग लॉट में खड़ी एक एसयूवी के बोनट पर गिरी, जिसे लेकर हार से दुखी पाण्डेय जी और कार मालिक के बीच तूतू-मैंमैं हुई लेकिन कार मालिक भी दुखी था सो पिचके बोनट को देखकर भी वह मान गया। यह सोंचकर चुप हो गया कि यह हार भारत की पाकिस्तान से है, ऐसे में गुस्सा निकालना बनता है।

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अपने से आधी उम्र की बहु से ससुर ने किया शादी, बेटे की बेवफाई को बताया कारण

… ससुर बना बहु का पति, कहा बेटे ने छोड़ दिया तो देना पड़ा सहारा

शबाब ख़ान

गोरखपुर: सामाजिक मर्यादा को दर किनारे कर 55 वर्षीय ससुर दारोगा निषाद ने अपनें बड़े बेटे की पत्नी पुन्नु देवी जिसकी उम्र 33 साल की है से चुपचाप मंदिर में विवाह कर लिया। जब यह मामला गॉव वालों के सामने आया तो ससुर ने दलील दी कि यह शादी मैने अपनें बेटे दिलीप की बहु के प्रति गैर जिम्मेदाराना व्यावहार के कारण किया है।

मामला गोरखपुर से करीब 28 किलोमीटर दूर चौरी-चौरा तहसील के एक गांव का है। यहां दारोगा निषाद ने बीते 13 जून को अपने बड़े बेटे की पत्नी पुन्नू (33 साल) से शादी कर ली। दोनों ने गुपचुप तरीके से मंदिर में विवाह किया। इस शनिवार को दोनों के इस रिश्ते का खुलासा गांव में हुआ तो दारोगा ने बताया कि यह शादी करना उसकी मजबूरी थी। उसनें सिर्फ बेटे की बेवफाई के बाद बहू को नई जिंदगी देने के लिए ऐसा कदम उठाया है। दारोगा ने कहा कि बेटे की हरकत पर वह बहुत शर्मिंदा है।

आगे बताते हुए ससुर ने कहा कि मेरे बेटे दिलीप ने किसी और लड़की से शादी कर ली है। दूसरी शादी के बाद उसने घर आना-जाना भी बंद कर दिया। बहू के ऊपर 4 बच्चों की जिम्मेदारी है। मैं चाहता था कि वो अपनी जिंदगी में आगे बढ़े। इसलिए मैंने उसका हाथ थामा।”

4 साल से बेटा घर नहीं लौटा

दारोगा के बड़े बेटे दिलीप ने 2001 में पुन्नू से शादी की थी। चार बच्चे हैं – सुमन, बिंदू, गणेश और  2013 में शुभम पैदा हुआ। नौकली के लिए बाहर गए दिलीप ने वहीं दूसरी लड़की से शादी कर ली। दारोगा के मुताबिक, बेटा आखिरी बार 2013 में घर आया था।

जबकि गांववालों का कहना है कि बेटा दिलीप इसलिए बाहर नही चला गया क्योकि वह किसी और से शादी कर चुका था या करना चाहता बल्कि बेटे को ससुर-बहू के संबंधों पर संदेह था।

एक ओर जहां दारोगा अपने बेटे को बेवफा बता रहे हैं, वहीं गांववाले उसे ही दोषी मानते हैं।

गांव के दारोगा के पड़ोसी ने बताया कि दिलीप रोजी-रोटी की तलाश में कई शहरों में जाकर काम करता था। इसी बीच दारोगा और उसकी बहू के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं। एक बार घर लौटा तो पत्नी को पिता को साथ आपत्तिजनक हालत में भी देख लिया। बेटा-बहू के बीच इसी बात के कारण आए दिन झगड़ा होता था, और अतत: तंग आकर उसनें घर ही छोड़ दिया।

देखना यह है कि 33 वर्षीय बहु के साथ शादी करके 55 वर्षीय दारोगा निषाद कब तक अपनें बूढ़े कंधों पर पारिवारिक गाड़ी को खींचते हैं। बहरहाल गॉव में यह किस्सा हर किसी की जुबान पर है।

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आ सकते है प्रिंट मीडिया कर्मियों के अच्छे दिन

विशेष रिपोर्ट

दिल्ली: इंतजार की घड़ी खत्म होने को है. देश भर के प्रिंट मीडिया के कर्मियों के लिये न्याय का दिन आ गया है. सुप्रीमकोर्ट की तरफ से 19 जून को फैसला सुनाया जाएगा. जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में आर-पार का दिन होगा 19 जून 2017 की तारीख. अखबार मालिकों ने जो लंबे जुल्म ढाए हैं अपने मीडियाकर्मियों पर, जो भयंकर शोषण किया है, उसका हिसाब आने वाला है. इसी तारीख को तय हो जाएगा कि यह देश कानून, संविधान और नियम से चलता है या फिर कुछ मीडिया मालिकों, सत्तासीन नेताओं और भ्रष्ट नौकरशाहों की मिलीभगत से.

पहले तो मीडिया मालिक सुप्रीम कोर्ट इसलिए गए कि मजीठिया वेज बोर्ड से उनका धंधा तबाह हो जाएगा. कोर्ट में लंबी चली सुनवाई के बाद मालिकों के खिलाफ फैसला आया कि तुम लोगों को हर हाल में अपने कर्मियों को मजीठिया वेज बोर्ड के हिसाब से लाभ देना ही पड़ेगा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद जब मीडिया मालिकों ने अपनी मोटी चमड़ी दिखाते हुए मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ तरह तरह के बहानों के जरिए नहीं दिया तो सैकड़ों मीडियाकर्मियों ने अपने अपने संस्थानों के खिलाफ अवमानना याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में डालीं. उन्हीं याचिकाओं का निबटारा 19 जून को होना है. 

19 जून को अवमानना मामले में सुप्रीमकोर्ट की तरफ से ऐतिहासिक फैसला सुनाया जाएगा. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के विद्वान न्यायाधीश रंजन गोगोई और नवीन सिन्हा की खंडपीठ सुनायेगी. यह ऐतिहासिक फैसला 19 जून दिन सोमवार को सुप्रीमकोर्ट में दोपहर तीन बजे कोर्ट नंबर तीन में सुनाया जायेगा. देश भर के मीडियाकर्मियों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे एडवोकेट उमेश शर्मा ने भी मीडियाकर्मियों के पक्ष में फैसला आने की उम्मीद जताई है.

सुप्रीमकोर्ट के फैसले की तिथि की घोषणा होते ही देश भर के मीडियाकर्मियों में खुशी की लहर है. वहीं अखबार मालिकों के खेमें में बेचैनी बढ़ गयी है. इस मामले की सुनवाई में मीडिया कर्मियों की तरफ से वरिष्ठ एडवोकेट कोलिन गोंसाल्विस, उमेश शर्मा, परमानंद पांडे और दिनेश तिवारी ने मीडियाकर्मियों का जोरदार तरीके से पक्ष रखा. अब सबकी नजरें 19 जून को सुप्रीमकोर्ट के एतिहासिक फैसले पर होगी. इस फैसले की तिथि की जानकारी पाते ही देश भर के पत्रकार नयी दिल्ली के लिये कूच करने की तैयारी कर रहे हैं।

साभार: विद्या भूषण

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एम्‍स मेडिकल एंट्रेंस एग्‍जाम 2017: टॉप 10 में 5 आपस में दोस्‍त, रचा इतिहास


By Shabab Khan

नई दिल्‍ली: यह कहानी है सफलता की, अपनें ख्वाबों को पंख लगानें की जद्दोजहद की। उन पांच दोस्‍तों की जो साथ खाते-रहते-सोते थे, जिन्‍होंने साथ पढ़ाई की, मस्‍ती भी, और सभी ने एम्‍स मेडिकल एंट्रेंस एग्‍जाम में इतिहास रच दिया है।

ये सभी दो साल से कोटा में रहकर एंट्रेंस एग्‍जाम की तैयार कर रहे थे। अब ये इसलिए खुश हैं क्‍योंकि अगले पांच साल तक साथ रहकर ही पढ़ाई करनी है।

अब हर जगह इन्‍हीं दोस्‍तों की चर्चा है। ये दोस्‍त हैं- निशिता पुरोहित (पहला रैंक), हर्ष अग्रवाल (पांचवां रैंक), ऋषव राज (छठा रैंक), हर्षित आंनद (सातवां रैंक) और अभिेषेक डोगरा (नौंवा रैंक)

सब अलग राज्‍यों से हैं

खास बात ये है कि ये सभी स्‍टूडेंट्स अलग राज्‍यों से हैं। ये सभी दो साल पहले तब मिले जब कोटा आए थे। निशिता गुजरात से है, हर्ष और हर्षित पश्चिम बंगाल से हैं, ऋषव बिहार से है और अभिषेक महाराष्‍ट्र से है।

जब रिजल्‍ट घोषित किया गया तो सभी दोस्‍तों की खुशी का ठिकाना नहीं था। सभी एक-दूसरे को ही शुक्रिया कह रहे थे।

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सरायमीर आया डॉन अबु सलेम के पक्ष में, कहा संजय दत्त की तरह ही कोर्ट सलेम को भी देखे

आजमगढ़ के सरायमीर स्थित अबु सलेम का घर

By Shabab Khan

मुंबई: बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद 1993 कें रमज़ान माह में मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट पर सुनवाई करने वाली विशेष टाडा अदालत ने शुक्रवार को डॉन अबु सलेम समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। टाडा अदालत के इस आपेक्षित फैसले के बाद जहां पूरा देश में खुशी की लहर है वहीं एक ऐसा भी कस्बा है जहां लोग इस फैसले से बेहद निराश है। वह है अबु सलेम का पैतृिक कस्बा, आजमगढ़ जिले का सरायमीर।

टाडा कोर्ट ने डॉन अबु सलेम को मुंबई में हुये मौत के खेल और उसनें गयी सैकड़ों लोगों की जान, कई सौ करोड़ की प्रापर्टी को हुये नुकसान का दोषी करार दिया है, जिसमें मुंबई की सीमा में हथियारों का जखीरा और विस्फोटक लाना शामिल है। सरकारी वकील डीएन साल्वी ने बताया कि विस्फोट का सारा सामान अबु सलेम की देख-रेख में गुजरात के रास्ते लाया गया था। इन सभी के निशाने पर देश के बडे़ नेता, पुलिस कर्मी इत्यादि लोग थे।

अदालत के इस फैसले के बाद जहां पूरे देश का माहौल खुशी है वहीं अबू सलेम के गृह जनपद आजमगढ़ के सरायमीर कस्बे में सन्नाटा पसरा है। वहीं डॉन के घर के बाहर कुछ लोग इस फैसले पर चर्चा कर रहे थे। उनके चेहरे से साफ समझ में आया कि सरायमीर के बाशिंदों को डर है कि कही अबु सलेम को भी अय्यूब मेमन की तरह मौत की सज़ा न मिल जाए, जिसकी पूरी उम्मीद की जा रही है। हालांकि सलेम के भतीजे मुहम्मद आरिफ ने कोर्ट के इस फैसले पर निराशा जताई।

उन्होंने कहा कि इसी मामले में अभिनेता संजय दत्त को राहत मिली है। हमें भी पूरी उम्मीद है, संजय दत्त की तरह ही अबू सलेम को भी कम सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगर टाडा कोर्ट में उनके मुताबिक फैसला नहीं आया तो वे उच्च अदालतों में अपील करेंगे।

मुहम्मद आरिफ ने बताया कि मस्जिद में सलेम को बचाने के लिए अल्लाह से दुआ की गई है। साथ ही नमाज भी पढ़ी जा रही है। वहीं अबू सलेम के एक पडोसी ने अदालत के फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि संजय दत्त को हथियार रखने के मामले में बरी कर दिया गया वहीं सलेम दोषी करार दिया गया है, आखिर यह कैसा इंसाफ है।

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किसानों को, उद्योगपतियों को कर्ज जरूर चाहिए लेकिन वापस कोई नही करना चाहता, क्यो?

भारत में कर्ज लेकर उसे वापस न करनें की एक परंपरा सी बनती जा रही है, देखिए आंकड़े …

By Shabab Khan

नई दिल्ली: भारत में कर्ज लेकर उसे वापस न करनें की एक परंपरा सी बनती जा रही है। सरकार नही मानती तो मंदसौर जैसा हाल होते देर नही लगती। या फिर चुनाव जीतने के ही कर्ज माफ कर देने के वादे कर दिए जाते हैं, यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार नें एक लाख किसानों के कर्जे माफ तो करने का ऐलान तो कर दिया लेकिन फिलहाल वास्तव में अभी तक कोई कर्ज माफ किये जाने की ठोस नीति यूपी सरकार नही ला सकी है। जबकि केंद्र सरकार नें राज्यों द्वारा कर्ज माफ नीति में किसी भी प्रकार का वित्तीय सहयोग करनें से साफ मना कर दिया है। जबकि भारत के किसी भी राज्य की वित्तीय हालत किसी भी तरह का कोई भी कर्ज माफ कर देने लायक नही है। देखिए ऑकड़े …

वर्ष 2014-15 में देश के सभी किसानों पर कुल 8 लाख 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज़ था, जो अब बढ़कर 9 लाख 60 हज़ार करोड़ रुपये हो गया है। विरोधाभास ये है कि वर्ष 2017-18 में देश में ज़बरदस्त उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार के मुताबिक इस दौरान देश में 273 मिलियन टन खाद्यान्न पैदा होगा, क्योंकि इस बार मानसून सामान्य रहने के आसार है। जबकि 2016-17 में 272 मिलियन टन अन्न का उत्पादन हुआ था।

महाराष्ट्र में 30 हज़ार करोड़ का कर्ज़ माफ होने से सरकार का घाटा बढ़कर 38 हज़ार 789 करोड़ रुपए हो जाएगा। जबकि उत्तर प्रदेश में 36 हज़ार 500 करोड़ रुपए का कर्ज़ माफ किए जाने से राजकोषीय घाटा बढ़कर 49 हज़ार 960 करोड़ रुपए हो जाएगा। इसी तरह राजस्थान में 30 हज़ार करोड़ रुपए माफ होने से घाटा 23 हज़ार 14 करोड़ रुपए का हो जाएगा।

हरियाणा में 23 हज़ार करोड़ रुपए का कर्ज़ माफ होने से घाटा 25 हज़ार 115 करोड़ रुपए हो जाएगा। इसके अलावा पंजाब में 9 हज़ार 845 करोड़ रुपए का कर्ज़ माफ किए जाने से राज्य सरकार का घाटा बढ़कर 13 हज़ार 87 करोड़ रुपए हो जाएगा और मध्य प्रदेश में किसानों का 30 हज़ार करोड़ रुपए का कर्ज़ माफ होने से सरकार का राजकोषीय घाटा 25 हज़ार करोड़ रुपए हो जाएगा।

इंडिया रेटिंग एण्ड रिसर्च प्राईवेट लिमिटेड नामक रेटिंग एजेंसी के मुताबिक भारत में उद्योगों के पास इस वक्त 6 लाख 70 हज़ार करोड़ रुपए का कर्ज़ ऐसा है जो डिफॉल्ट हो सकता है। यानि डूब सकता है। रेटिंग एजेंसी के मुताबिक भारत के 500 सबसे बड़े कर्जदारों में से आधे ऐसे हैं। जिनके लिए लोन चुकाना मुश्किल है।

नोटबंदी के बाद से बैंकों के एनपीए यानी नॉन परफार्मिंग ऐसेट बढ़कर 6 लाख 14 हज़ार 872 करोड़ रुपए हो चुके हैं। एनपीए कर्ज़ के तौर पर दी गई वो रकम होती है जिस पर बैंकों को ब्याज़ मिलना बंद हो जाता है और इस रकम के डूबने का भी खतरा रहता है। वर्ष 2006 से लेकर वर्ष 2016 के बीच बैंकों के 2 लाख 51 हज़ार करोड़ रुपये डूब चुके हैं। ये कर्ज़ के रूप में दी गई ऐसी रकम है जो बैंक वापस नहीं वसूल पाए।

भारत में 500 बड़े उद्योगपतियों पर करीब 28 लाख 10 हज़ार करोड़ रुपए का कर्ज़ है। इनमें से 240 उद्योगपतियों पर करीब 11 लाख 80 हज़ार करोड़ रुपए का कर्ज़ है जिसमें से 5 लाख 10 हज़ार  करोड़ रुपये का कर्ज़ खतरे में है जबकि बाकी के 6 लाख 70 हज़ार करोड़ रुपये भी हाई रिस्क कैटेगरी में है।

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छात्रा को जिंदा जलाया अस्पताल में हुई मौत, बिहार के समस्तीपुर का मामला

By Shabab Khan

समस्तीपुर (बिहार): बिहार में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बिहार में समस्तीपुर के विधायपतिनगर थाने के हरपुर बोचहा गांव में दो युवकों के द्वारा नौंवी कक्षा की एक छात्रा को जिंदा जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

मंगलवार की रात छात्रा का पटना के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। बुधवार की सुबह छात्रा की लाश गांव पहुंचने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गये और मोहिउद्दीननगर-बछवाड़ा पथ को जाम कर दिया। ग्रामीण आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

दो लड़कों ने दिया घटना को अंजाम

सूत्रों के मुताबिक, दवा कारोबारी सुनील राय की पुत्री आकांक्षा कुमारी मंगलवार की दोपहर अपने घर मे अकेली थी। इसी दौरान वह किसी काम के सिलसिले में घर के बाहर निकली। तभी पड़ोस के दो युवकों अमित और सुमित ने उसे पकड़ लिया और एक सुनसान घर में ले जाकर उसका हाथ-पैर बांध दिया, फिर केरोसिन तेल छिड़क कर आग लगा दी। लड़की के चिल्लाने पर परिजन मौके पर पहुंचे। फिर छात्रा को गंभीर हालात में इलाज के लिए पटना के कदमकुआं स्थित पैरामाउंट केयर ले गये। जहां इलाज के दौरान मंगलवार की रात करीब 12 बजे छात्रा ने दम तोड़ दिया।

आकांक्षा नौवीं क्लास की छात्रा थी

सूत्रों के मुताबिक मौत से पहले अपने बयान में छात्रा ने परिजनों को घटना में अमित और सुमित के अलावा तीन अन्य के इसमें शामिल होने की बात कही है। बताया जा रहा है कि आरोपित युवक कुछ दिन पूर्व एक किशोरी को भगा ले गया था। इस मामले में आकांक्षा के परिजनों ने किशोरी के परिवार की मदद की थी। बताया जा रहा है कि इसी को लेकर गुस्साये आरोपी ने घटना को अंजाम दिया है। आकांक्षा मोहिउद्दीननगर के सेंट मैरी स्कूल की नौंवी क्लास की छात्रा थी।

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किसान आंदोलन की आहट से घबराए फड़नवीस, महाराष्ट्र में कर्ज माफी का ऐलान

​विशेष रिपोर्ट

मुंबई: महाराष्ट्र में सोमवार से प्रस्तावित किसानों के विरोध प्रदर्शन से पहले ही बीजेपी की देवेंद्र फड़नवीस सरकार ने कुछ शर्तों के साथ किसानों के कर्ज माफ करने को मंजूरी दे दी है. छोटे किसानों का कर्ज तत्काल माफ किया जाएगा, जबकि बड़े किसानों की सशर्त कर्ज माफी होगी.

बता दें कि कर्जमाफी की मांग को लेकर सोमवार से किसानों का विरोध प्रदर्शन था.

फड़नवीस सरकार के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा, ‘कुछ शर्तों के साथ किसानों की कर्जमाफी को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी गई है. इन शर्तों को तय करने के लिए एक कमिटी का गठन किया जाएगा.’

पाटिल ने कहा कि छोटे किसानों का कर्ज तत्काल माफ कर दिया गया है, जबकि बड़े किसानों का कर्ज कुछ शर्तों के साथ माफ होगा.

स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के राजू शेट्टी ने कहा कि किसानों की हड़ताल को अभी रद्द कर दिया गया है. शेट्टी ने कहा कि अगर 25 जुलाई से पहले किसानों का लोन माफ नहीं हुआ, तो हम बड़े पैमाने और ताकत के साथ सड़कों पर उतरेंगे.

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का अगला सत्र 25 जुलाई से शुरू होने वाला है. राज्य में शिवसेना और बीजेपी की सरकार है. किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर शिवसेना भी सड़कों पर उतरी थी. शिवसेना की मांग थी कि किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए.

छोटे किसानों का मिलेगा नया लोन
कर्जमाफी की घोषणा के बाद छोटे किसान नया लोन ले सकेंगे. इसके साथ ही उनका नाम ब्लैक लिस्ट से हटा दिया जाएगा. बता दें कि लोन की भरपाई न करने के कारण छोटे किसानों को बैंकों ने ब्लैक लिस्ट कर दिया है.

इसके साथ ही किसानों के खिलाफ दर्ज मामले भी वापस भी लिए जाएंगे, लेकिन जिन मामलों में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा. उन मामलों में ऐसा नहीं होगा.

किसानों संग PM मोदी से मिलेंगे फड़नवीस

स्वामीनाथन कमीशन को लेकर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे. क्योंकि कमीशन को लागू करने का काम केंद्र के अधिकार क्षेत्र में आता है.

इसके साथ ही दूध के प्रॉफिट शेयरिंग में 70 प्रतिशत किसानों को मिलेगा, जबकि 30 प्रतिशत सरकार के हिस्से में जाएगा. किसानों के साथ बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल, ट्रांसपोर्ट मंत्री दिवाकर रावते, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के किसान नेता राजू शेट्टी, वर्कर्स पार्टी के जयंत पाटिल के साथ निर्दलीय विधायक बच्चू काडू और सुभाष देशमुख भी मौजूद रहे.

क्या है दांव पर

अगर महाराष्ट्र सरकार किसानों का पूरा कर्ज माफ कर देती है, तो सरकार के एक अनुमान के मुताबिक 1.1 लाख करोड़ का बोझ आएगा. बता दें कि राज्य सरकार पर पहले से ही 4 लाख करोड़ का कर्ज है.

मंत्री से मिला किसानों का प्रतिनिधिमंडल
रविवार को किसानों के प्रतिनिधिमंडल और मंत्रियों की कमिटी के बीच दूसरे राउंड की बातचीत सफल रही. बैठक की शुरुआत में किसानों ने मंत्रियों को अपनी मांग सूची सौंपी. यह बैठक चार घंटे तक चली.

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